हम उन्हे याद करते गये
और वो याद आते गये
तन्हाई मे भी उन्होंने साथ निभाया
बेईंतेहा प्यार उन्होंने हमसे किया..
गलती हमारी ही थी
उम्मीदें हमने बेहिसाब रखी
वो भी क्या करते ..
इन्सान के बस की बात नहीं थी..
हमारे पैगाम पढो, उसपे गौर भी करो
इतना ही नही उनका जवाब भी दो..
प्यार का इझहार करो
वो भी अल्फाझो मे
ऐसे कौन करता हैं..प्यार में ये सब कहां होता हैं?
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