Thursday, November 21, 2024

हम उन्हे याद करते गये 
और वो याद आते गये 
तन्हाई मे भी उन्होंने साथ निभाया 
बेईंतेहा प्यार उन्होंने हमसे किया..

गलती हमारी ही थी 
उम्मीदें हमने बेहिसाब रखी 
वो भी क्या करते ..
इन्सान के बस की बात नहीं थी..

हमारे पैगाम पढो, उसपे गौर भी करो
इतना ही नही उनका जवाब भी दो..
प्यार का इझहार करो 
वो भी अल्फाझो मे



ऐसे कौन करता हैं..प्यार में ये सब कहां होता हैं?






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