Wednesday, February 25, 2026

berukhi

ना बात करने की आस 
ना मिलने की है इच्छा 
ना ही है देखने कि चाहत
ये  कैसा तुम्हारा इष्क है 

ना mehsoos होता है ,ना ही तुम जताते हो 
मेरी नाराजगी से ना तुम्हे कोई fark पडता है 
ना मुझे मनाने का कभी इरादा होता है 
 ये कैसा तुम्हारा इष्क है 

चल रही है  तुम्हारी 
जिंदगी मेरे बिना 
क्यु main ही परेशान हू
तुम्हारी berukhi से

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