बस फिर भी
प्यार आता है तुमपे,
तुम्हारी हर ख़ामोशी पर,
हर अनकही बात पर।
कमियाँ हैं, नाराज़गियाँ हैं,
शिकवे–गिले भी हज़ार हैं,
पर इन सबके बावजूद
तुम ही मेरे दिल का इकरार हैं।
बस फिर भी
प्यार आता है तुमपे,
तुम्हारी हर ख़ामोशी पर,
हर अनकही बात पर।
असे वाटते की
लिहित जावे…
शब्द शब्दांत गुंफत जावे,
मनातले सगळे कागदावर उतरवावे
तुझ्या आठवणींना ओळी द्याव्या,
अन् प्रत्येक श्वासाला नवा अर्थ द्यावा..
असे वाटते ki..
तुला ऐकत रहावे
तू बोललेला शब्द
जणू कविता व्हावी
अणि मी वहि बनून जावे
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